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बेटे को धनवान के साथ संस्कारित बनाइये ताकि धन, सम्मान, स्वाभिमान के साथ अपने परिवार का नाम करे रोशन-प्रो. योगेन्द्र सिंह

उमेश गुप्ता // हरिलाल सिंह 

बिल्थरारोड। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेन्द्र सिंह ने कहा कि डीह से सोनाडीह गांव बना निश्चित ही कोई खुश्बू रही होगी। यहां देवी स्थल है। उसे प्रणाम करते हुए कहा कि इस मिट्टी ने प्रतिभाओं को पैदा किया है। इसी क्षेत्र की मिट्टी के लाल इब्राहिम पट्टी के सपूत चन्द्रशेखर ने विश्व पटल पर अपना नाम रोशन किया। जिनके नाम पर बलिया में जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय बना। यह ऋषियों मुनियों का देश है यह पौराणिक भूमि है। कहा कि मेरे जैसे ब्यक्ति का मानना है कि किसी ब्यक्ति का पुरुषत्व जब तक ही कायम है जब तक उसके साथ नारीत्व की शक्ति होे। शहीद सीओ केपी सिंह की विधवा पत्नी स्व. विभा सिंह की चर्चा करते हुए कहा कि मैं उन्हे जानता हूं जब वह मेरे साथ वित्त अधिकारी के रुप में कार्य कर चुकी है। वे कैंसर रोग से पीड़ित होने के बाद भी अपने पति के सपनों को अपनी दो बेटियां किंजल व प्रांजल को अधिकारी बनाकर साकार किया। कहा कि आप भी उनसे प्रेरणा ले और अपने बेटे को धनवान तो बना दीजिए लेकिन उससे पूर्व उसे संस्कारित बनाइये ताकि वह आपके धन, सम्मान, स्वाभिमान के साथ जग में अपने परिवार का नाम रोशन करें।

            कुलपति सिंह, यहां से 8 किमी दूर ग्राम सोनाडीह में शनिवार की शाम आयोजित ‘‘सोनाडीह महोत्सव‘‘ में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होने कहा कि लोक मंगल व जड़ की दूरी बढ़ती जा रही है अपनी मिट्टी, संस्कृति, गांव, प्रतिभाओं को जब याद करने के लिए जब उत्सव होते हैं, तो ऐसा कार्य कोई बड़े मन की कोई संस्था या कोई ब्यक्ति ही कर सकता है। समाज में आदर्श, नैतिकता व संस्कारों की कमी होती जा रही है। इससे जुझते हुए हमें अपना कार्य करना है। कहा कि सोनाडीह की मिट्टी धन्य है प्रांजल, किजल व जेके शुक्ला जैसे अधिकारी व अन्य लोगों को पैदा किया है, जो आज देश प्रदेश में काम कर रहे है। आज के समारोह में यह कितना आत्म सम्मान का मामला है कि अपनी ही मिट्टी पर हम सम्मानित हो रहे हैं। यह अपनी मिट्टी व अपने गांव के लिए कितनी गौरव की बात है।

    मातृशक्ति की चर्चा करते हुए कहा कि भगवान राम व कृष्ण को भी अपनी मां की गोद में ही जन्म लेना पड़ा। एक तरफ कुंठा है तो एक तरफ निराशा है ऐसे समाज में हम काम कर रहे है। कहा कि मंच से विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने जो कार्यक्रम प्रस्तुत किया उसमें कुछ न कुछ सामाजिक संदेश था। बल, विद्या और बुद्धि के महानायक का हनुमान जी का आज जन्म दिन है। ऐसे अवसरों पर ऐसे उत्सव होते रहना चाहिए इस लिए कि लोग अपनी लोक व संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं।

    अध्यात्म की चर्चा करते हुए कहा कि बुद्ध की सारी विलासिता ब्यवस्था उनके पिता ने कर दिया था तो समाज में बुद्ध ने पीड़ित, रोगी, मृतक आदि को देख बुद्धत्व पाने के लिए राज महल छोड़कर घर से निकल पड़ते हैं। राम को रामत्व मिला तो अहिल्या शीला हो गयी थी इन्द्र के छल करने के कारण शीलामंुख हो गयी थी। सेबरी के जुठे बैर खाने के बाद राम को रामत्व मिला इससे समता मूलक समाज बनाने का एक संदेश दिया था।

     महोत्सव के विशिष्ट अतिथि डीआईजी सुरक्षा जेके शुक्ल ने कहा कि हमे बड़ा गर्व है कि हम सोनाडीह की मिट्टी की उपज हैं। कुलपति सिंह के विचारों को अपने से जाड़ते हुए कहा कि जड़ो की तरफ देखे व लौटे। सोनाडीह की माटी का गौरव बढ़ाने के लिए सोनाडीह महोत्सव का आयोजन किया गया है जो लोक संस्कृति को आपके सामने रखने व यहां की मिट्टी की सुगन्ध को महसूश करने का काम किया गया है। यहां के लोग देश व प्रदेश में काम कर सोनाडीह का नाम रोशन कर रहे हैं। कहा कि विदेशी संस्कृति के तरफ पूरा जहां आकर्षण है ऐसे मे जब गांव पुकारे तो भला गांव के बच्चे हम अपने गांव में कैसे न आये। यह भला कैसे हो सकता है। कहा कि मैं सोनाडीह गांव का हूंॅ, चाहे जितनी भी उम्र हो जाय मुझे सोनाडीह की मिट्टी से प्यार है और रहेगा। अंत में सोनाडीह महोत्सव के संयोजक असलम राही, सचिव अनमोल आनन्द व उनकी टीम को इस सफल आयोजन के लिए ढेर सारी शुभकामनायें दिया।

     महोत्सव के मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. योगेन्द्र सिंह व विशिष्ट अतिथि डीआईजी सुरक्षा जितेन्द्र कुमार शुक्ल आदि ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारम्भ किया। इसके साथ ही बदमाशों की गोली से गोण्डा में शहीद सीओ केपी सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि किया।

      इस मौके पर आद्याशंकर यादव, विनय प्रकाश अंचल, ग्राम प्रधान बविता यादव, जय गोविन्द शुक्ला, श्रीमती शीला मिश्रा, देवेन्द्र सिंह, जयप्रकाश यादव, अंगद यादव, रामाश्रय यादव फाईटर, उपेन्द्र गुप्ता आदि मौजूद रहे। समारोह को सफल बनाने में अध्यक्ष असलम राही, उपाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, मंत्री रामप्रकाश यादव, सचिव अनमोल आनन्द, कोषाध्यक्ष प्रेमचन्द यादव, राजेश मिश्रा, राकेश वर्मा, गनर सिंह, सुधांशु कुमार का योगदान काफी सराहनीय देखा गया।

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