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थम गया बनारस के साड़ी का कारोबार, बंद हुई मुर्री थम गई ढरकी, रुक गए है लूम

सरकार से पूरा देश परेशान हैं, हमारे बच्चों का भविष्य क्या होगा : बुनकर 

(जावेद अंसारी की खास रिपोर्ट)

वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के काजीपुरा बुनकर मार्केट में अब कपड़ा कारोबारी बेमियादी हड़ताल की तैयारी कर चुके हैं मंगलवार को बुनकर बिरादराना तंजीम के सभी तंजीमों के पदाधिकारी ने मिलकर एक शानदार विशाल सभा बुनकर मार्केट में की।वाराणसी वस्त्र उद्योग बनारसी साड़ी डीलर एसोसिएशन प्रतिनिधि शामिल हुए। इस नुक्कड़ सभा की सदारत अब्दुल्ला अंसारी व अतीक अहमद ने किया। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अब्दुल समद अंसारी ने कहा की जीएसटी एक काला कानून है और हम इसका विरोध कर रहे हैं। जब तक कपड़े पर से जीएसटी नहीं हटेगा तबतक हम बुनकर इसका विरोध करेंगे। विरोध इस बात का है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना जो हिटलरशाही फरमान जारी किया है हम इस काले कानून को स्वीकार नहीं करेंगे।

वक्ताओं ने कहा काला कानून कुबूल नहीं करेंगे
वक्ताओं ने कहा जबसे भारत सरकार ने हम देशवासियों पर जीएसटी काला कानून धोपा है हम देशवासी किसी भी कीमत पर काला कानून कुबूल नहीं करेंगे। आजादी के बाद से कभी भी बुनकरों द्वारा निर्मित कपड़े पर किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं लगा। तो अब जीएसटी हम बुनकरों पर क्यों धोपा जा रहा है। जबकि बनारसी साड़ी पूरी दुनिया भर में मशहूर है और बनारस का बिना हुआ कपड़ा पूरी दुनिया भर में जाता है हम सब भारत सरकार से यह मांग करते हैं कि बुनकरो द्वारा बिने हुए कपड़े पर से जीएसटी तुरंत हटाया जाए। खासकर बनारस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र काशी है। और बनारस में हिंदू मुस्लिम भाई मिलकर कपड़ा का व्यापार करते हैं सभी एक-दूसरे के ताने-बाने से जुड़े हैं यही बनारस गंगा जमुनी तहजीब हैं और इसकी मिसाल पूरी दुनिया भर में कायम है। यदि इस मकड़जाल के उद्योग से जीएसटी जैसा काला कानून हटाया जाए।
दुआखानी किया और जीएसटी कानून का विरोध जताया
जीएसटी कानून के विरोध में बुनकर बिरादराना तन्जिमों के द्वारा बंदी के पहले आज बुनकर समाज ने अपना पूरा कारोबार बंद कर नमाज़ ज़ोहर 1 बजे से बाद नमाज़ असर 5:30 बजे तक अपने अपने मोहल्लो के मस्जिदों में कुरआनखानी एवं दुआखानी की ओर से जीएसटी काला कानून का विरोध विरोध जताया। इस अवसर पर हाजी कलाम ने सभी बुनकर भाइयों से इस दुख की घड़ी में एक साथ मिलकर अल्लाह के आगे हाथ फैलाए और दुआ करें (इंशाअल्लाह) कामयाबी हमारी कदम चुमेगी। इस मौके पर बुनकर बिरादराना तन्जिम चौदाहो के सरदार मक़बुल हसन ने कहा कि हमारा बुनकर समाज वाराणसी कपड़ा उद्योग व्यापार मंडल का साथ इस बंदी में बराबर सरीक़ हैं।
 जबतक हम बुनकरों के हाथ नीर्मित कपड़ा से जीएसटी नहीं हटाया जाता हम सब पूरे जोरशोर से इसका विरोध करेंगे। 52 बावनी के सरदार हाजी मूख्तार महतों ने बुनकर के सभी भाइयों से अपील की, कि इस दुख की घड़ी में हम अल्लाह से दुआ करें एवं अपनी मुसीबतों को बया करें, क्योंकि आज मुल्क में जो तानाशाह सरकार बैठी है। उससे पूरा मुल्क बदहाल परेशान हैं। सब भुखमरी का शिकार हो रहे हैं, जिस तरह से सरकार ये फैसला ले रही हैं। उससे पूरा देश परेशान हैं कि हमारा और हमारे बच्चों का भविष्य क्या होगा। बारहों के सरदार ने सभी से एक साथ रहकर दुआ करने की अपील की। बंदी का पहला दिन पूरी तरह से सफल रहा, हर घर के हाथ करघा एवं पावर लुम बंद रहे।
हाजी ओकास अंसारी ने कहा बाजार को लगा तगड़ा झटका 
कांग्रेस नेता हाजी ओकास अंसारी ने कहा कि पूरे दुनिया भर में बनारसी साड़ी की काफी माग रहती है। बनारस में इस समय कोलकाता के कारोबारी बड़ी संख्या में खरीदारी के लिए आते हैं। मगर बंदी की वजह से कारोबार प्रभावित है। बनारसी साड़ी व्यापार के लिए यह एक सीजन में तीसरा झटका है। पिछले साल बाढ़ में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। इसके बाद लगन से पहले नोटबंदी ने पूरे कारोबार की कमर ही तोड़ दी थी। अब भी सीजन के समय जीएसटी के कारण बंदी का झटका बुनकरों को लगा है। बुनकरों को मकड़जाल की तरह जीएसटी लागू करके भारत सरकार ने अपने संसदीय क्षेत्र में भुखमरी का शिकार पैदा कर दिया। ये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र काशी हैं। आगे ओकास अंसारी ने कहा कि बैठक में सभी बुनकरों ने हथकरघों, पावरलूम को बंद रखने के साथ अंगड़िया, गिरस्ता का काम भी बंद करने पर सहमति जताई। जीएसटी न हटने की सूरत में आदोलन की चेतावनी भी दी हैं। जीएसटी हटाने के लिए व्यापारी आदोलन से भी पीछे नहीं हटेंगे। ओकास अंसारी ने कहा कि कपड़े पर जीएसटी लगने से बुनकर, व्यापारियों में सरकार के प्रति नाराजगी है। पहले केंद्र सरकार ने कहा था कि जिन वस्तुओं पर वैट या अन्य कर नहीं है उन पर जीएसटी नहीं लगेगा लेकिन जीएसटी लगने की घोषणा से सरकार ने अपनी ही बात को नकार दिया। बुनकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पूछना चाहते हैं कि क्या गरीब रोटी के बगैर भुखा मर जाए फिर भी आप जीएसटी हटाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगे।
इस नुक्कड़ सभा में काजीपुरा,जलालीपुरा, मोहम्मद पुरा, रसूलपुरा, बड़ी बाजार, जैतपुरा, कमालपुरा, छीत्तनपुरा, सरैया, शक्कर तालाब, रेवड़ी तालाब, मदनपुरा, लोहता, बजड्डीयाँ, पीली कोठी, दोसी पूरा, कमन गड्हा, चौहट्टा लाल खान, नक्की घाट, बुनकर काॅलोनी, बाकरा बाद, अम्बीया मंडी, गोलगड्डा, के तमाम जिम्मेदार लोगों ने जीएसटी का विरोध जताया।
शमीम अंसारी, हाफिज कल्लू , अब्दुल्लाह अंसारी, मुमताज अहमद अंसारी, हाजी शरीफ उद्दीन, ऐनुलहक़, हाजी यासीन, अफरोज अंसारी, हाजी कलाम, हाजी बाबू , सरदार असलम, शमशीर महतों, हाजी मोहम्मद, रियाजुलहक़, देवेंद्र मोहन पाठक, डॉक्टर बेलाल, इसरत उस्मानी, हाजी इक़बाल सोना, जैनुल होदा, पार्षद गुलशन अली, हाजी कलाम तौलिया, महमूद हसन, हाजी सलमान शाहिद, हाजी सुक्खु (जावेद अंसारी) रवि शंकर तिवारी, हिमांशु पाठक, पवन यादव, मनोज शाह, हाजी ओकास अंसारी सहित हजारों की तादाद में बुनकर मौजूद थे।
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